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	<title>Comments for एन. वी. ओ. न्यूज</title>
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	<description>NVO News- North India News, Hindi News</description>
	<lastBuildDate>Fri, 27 Jan 2012 12:17:27 +0000</lastBuildDate>
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		<title>Comment on ग्रामसभा विधानसभाओं और संसद से ऊपर: अन्ना हजारे by Munendra Kumar</title>
		<link>http://nvonews.in/2012/01/27/india-news/17454/comment-page-1/#comment-11357</link>
		<dc:creator>Munendra Kumar</dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Jan 2012 12:17:27 +0000</pubDate>
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		<description>whatever annaji is saying that is moraly right but practicaly not possible. Becouse leading to a nation which is very diversify through gram sabha where many people has many views and thoughts is very dificult.we cannot reach on a particular conculsion through gram sabha.</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>whatever annaji is saying that is moraly right but practicaly not possible. Becouse leading to a nation which is very diversify through gram sabha where many people has many views and thoughts is very dificult.we cannot reach on a particular conculsion through gram sabha.</p>
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		<title>Comment on ग्रामसभा विधानसभाओं और संसद से ऊपर: अन्ना हजारे by jay hind yadav</title>
		<link>http://nvonews.in/2012/01/27/india-news/17454/comment-page-1/#comment-11355</link>
		<dc:creator>jay hind yadav</dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Jan 2012 10:16:25 +0000</pubDate>
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		<description>यदी मेरा मैसेज मिडियां तक पहूच रहा है तो कॄपया ईमानदारी की उस दिवार तक पहूचाने की कोशिशः करें. जिसे अन्ना नाम दिया गया है मुझे कोई बेईमानी की दांग लगा कर दिखाएं फ़िर नेताओं को दिखादूगां ईमानदारी पर भ्रश्टाचार का कोई अमोघ शस्र्त्र नहीं है जो ईसे काट सके .आज भ्रश्टाचार के खिलाफ़ लड्ने के लिए हमारे जैसो को उस दिवार को जरुरत है कॄपया हमारी आवाज को आप सब के सहारे की जरुरत है क्या मिडियां ऎसे लोगो की भी मदद करती है या फिर वीआईपी लोगो से हि अपना नाता रखती है हमारे लेख.. देखकर मिडियां कहती है कि उसे अपना चैनल या फ़िर प्रेस नहीं बंद करवाना है क्या है मेरे ईस लेख में ?
प्रबल प्रताप सिंह ?मै मानता हूं आप सब काफ़ी हद तक अच्छा काम करते है लेकिन मेरा अनुभव अभी तक विश्वास नहीं पाया ?शम्स ताहिर खान , आप जैसे लोग हमारे जैसे लोगो कि आवाज को देश की जनता तक नहीं पहुचायेंगे तो कौन पहुचायेगा .क्यों नहीं आगे आते .

विश्णू पवार जी शर्मा जी ने मेरा पगार रोंक दिया है उनका कहना है कि तुम जैसे आये थे वैसे पगार मांगो तुम्हारी वजह से कम्पनी का नुकसान हुआ है क्या आप कुछः कोशिश करेंगॆ ?</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>यदी मेरा मैसेज मिडियां तक पहूच रहा है तो कॄपया ईमानदारी की उस दिवार तक पहूचाने की कोशिशः करें. जिसे अन्ना नाम दिया गया है मुझे कोई बेईमानी की दांग लगा कर दिखाएं फ़िर नेताओं को दिखादूगां ईमानदारी पर भ्रश्टाचार का कोई अमोघ शस्र्त्र नहीं है जो ईसे काट सके .आज भ्रश्टाचार के खिलाफ़ लड्ने के लिए हमारे जैसो को उस दिवार को जरुरत है कॄपया हमारी आवाज को आप सब के सहारे की जरुरत है क्या मिडियां ऎसे लोगो की भी मदद करती है या फिर वीआईपी लोगो से हि अपना नाता रखती है हमारे लेख.. देखकर मिडियां कहती है कि उसे अपना चैनल या फ़िर प्रेस नहीं बंद करवाना है क्या है मेरे ईस लेख में ?<br />
प्रबल प्रताप सिंह ?मै मानता हूं आप सब काफ़ी हद तक अच्छा काम करते है लेकिन मेरा अनुभव अभी तक विश्वास नहीं पाया ?शम्स ताहिर खान , आप जैसे लोग हमारे जैसे लोगो कि आवाज को देश की जनता तक नहीं पहुचायेंगे तो कौन पहुचायेगा .क्यों नहीं आगे आते .</p>
<p>विश्णू पवार जी शर्मा जी ने मेरा पगार रोंक दिया है उनका कहना है कि तुम जैसे आये थे वैसे पगार मांगो तुम्हारी वजह से कम्पनी का नुकसान हुआ है क्या आप कुछः कोशिश करेंगॆ ?</p>
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	</item>
	<item>
		<title>Comment on ग्रामसभा विधानसभाओं और संसद से ऊपर: अन्ना हजारे by jay hind yadav</title>
		<link>http://nvonews.in/2012/01/27/india-news/17454/comment-page-1/#comment-11354</link>
		<dc:creator>jay hind yadav</dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Jan 2012 10:15:27 +0000</pubDate>
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		<description>आओ !देखो! भारत के प्राणो में क्या उन्माद भरा है ।  
शासन के प्रतिबन्ध व्यर्थ है,और व्यर्थ है सब धारायें ,
उन्हें तोङकर जनता के स्वर गुज रही हैं सभी दिशाएँ ।
नारी कंण्ठ पुकार रही है ,उनके उपर हो रहे जुर्म मिटाओ ,
जनता दाँत पिसती जाती , बंद हथेली उसकी खुल जाती ।
पर नेता के शासन में,देश की जनता चुप बैठकर आज तमाशा देखती जाती ।
एक हाथ जब उठता था,किसी देश भक्त नेता का, हाथ हजारो  उठ जाते थे ,
पर जब आज का नेता अपना हाथ उठाता है ,जनता के दुसरे हाथ में जूता-चप्पल उठ जाता है ।
एक बार यदी उठ जाती, मिलकर आवाज ईस धरा से आती ।
रख देती वह पीस भ्रश्टाचारी लोगो को, चटनी कर उसको खाती ।
उठ नहीं रही है आवाज ईस धरा से,मैं क्या समझूँ सबको सूँघ गया है साँप ।
आजाद देश की जनता हो गयी गुलाम, सरकारी कुत्ते जनता के चुने नुमाईन्दे हो गये है  साँप ।
सोचो, क्यो लोग अकारण ,आज गुलामी को अपनी ही मजबुरी बताएँ ।
क्यों न हिन्दूस्तान की जनता मिलकर करे विरोध, सब अपना रोष जताएँ ।
क्या हो गया है ,आज के ईस भारत को,यह भी चाहिए,वह भी चाहिए,सब कुछ चाहिए ।
भुजा(हाथ)उठा कर नेता जनता से बोले,हमें सिर्फ़ वोट चाहिए वोट चाहिए ।
आज देश की जनता की उठी भुजाएँ बोली,हमें सिर्फ़ नोट चाहिए नोट चाहिए ।
पर सोचो ऎसे में इस देश क्या होगा, वह दिन दुर नहीं जब ब्लैक मनी सबकी जेब में होगा ।
लाख  तुम धर्मनिती की बाते कह डालो , फिर भी ब्लैक मनी  कमाऊँगा ही ।
और देश के लिए कुछ कर न सका तो क्या,अपनी सात पुश्ते बिठा कर खिलाऊँगा ही ।
भरा कहाँ है, घडा पाप का उसको और भरना है, हर हिन्दूस्तानी को गुलाम बनाकर रखना है ।
क्यों अपनी पुण्य-भूमि को अपने ही पापी दल करें कलंकित  ?
क्यों सच का दमन करें ये भोली-भाली जनता को करें आतंकित ?
क्यों न बम से जला देते,उन भ्रश्टाचारी लोगों को, निर्दोष को बनाते अपना निशाना ।
एक बार तो हमको दम दिखलाना ही होगा, अब नहीं चलेगा कोई बहाना ।
क्या हो गया है ईस आजाद देश को,भ्रष्टाचार नंगा नाच रहा है ।
भारत देश की जनता कि यह कैसी खामोशी ,सब कुछ भौचक्का देख रही है ।
मैंने तो संकल्प कर लिया है, मरना तो है ही फ़िर डर-डर कर क्यों जिना ।
ब्यर्थ है अपनो का मोह, छोड.प्राण के पंछी सभी को एक दिन है जाना ।
भूल न पायें जिसको सदियाँ, ऎसी क्रान्ती ज्योंति लेखनी जनता तक पहूँचाऊगा ।  
अगर बे मौत मर गया तो,इस शासन की जड. भी हिल जायगी ।
मेरी क्रान्ती ज्योंति से आजाद हिन्दूस्तान के जीवन की फ़ुलवारी-सी खिल जायेगी ।
यह मिट्टी जो अमर शहिदों की, अपबित्र हो गयीं है भ्र्ष्टाचारी लोगों से ।
उसकी आजादी के लिए ,इस पर प्राण निछावर करते मन न तनिक हिचके ।
यह डर निकाल फेंको तुम अपने जीवन से, नहीं अधिकार और किसी का मेरे जीवन पर ।
भुल कर भी मत देना अधिकार अपने जीवन के ,जोर नहीं और किसी का मेरे जीवन पर ।
धिक्कार है ऎसे जीवन को जहाँ ,आजादी का कोई मोल नहीं ।
चिकनी-चुपडी. बातों से ईस देश का, अब उध्द्दार नहीं ।
ईन्सानों के दिलों में अब कोई देश प्रेंम का मोंल नहीं ।
जब से हिन्दूस्तान की आजादी को, बेईमानों ने अपना आशियाना बनाया ।
तब से अब तक एक भी माँई का लाल , लाल बहादुर , नेता सुभाष नहीं आया ।
भाषण से ही जनता को बेवकुफ़ बनाया जाता ,वहीं दुसरे दीन मिडियाँ और प्रेंस में दिखाया जाता ।
                                         आज का दौर
यह देश है बेईंमानो का रिश्व्वतखोरो का भ्रष्टाचारी लोगों का ,ईस देश का यारों क्या कहना ।
यहाँ चौड्य़ी छाती नामीं गुन्डों की,भोली शक्लें चोरों की ।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>आओ !देखो! भारत के प्राणो में क्या उन्माद भरा है ।<br />
शासन के प्रतिबन्ध व्यर्थ है,और व्यर्थ है सब धारायें ,<br />
उन्हें तोङकर जनता के स्वर गुज रही हैं सभी दिशाएँ ।<br />
नारी कंण्ठ पुकार रही है ,उनके उपर हो रहे जुर्म मिटाओ ,<br />
जनता दाँत पिसती जाती , बंद हथेली उसकी खुल जाती ।<br />
पर नेता के शासन में,देश की जनता चुप बैठकर आज तमाशा देखती जाती ।<br />
एक हाथ जब उठता था,किसी देश भक्त नेता का, हाथ हजारो  उठ जाते थे ,<br />
पर जब आज का नेता अपना हाथ उठाता है ,जनता के दुसरे हाथ में जूता-चप्पल उठ जाता है ।<br />
एक बार यदी उठ जाती, मिलकर आवाज ईस धरा से आती ।<br />
रख देती वह पीस भ्रश्टाचारी लोगो को, चटनी कर उसको खाती ।<br />
उठ नहीं रही है आवाज ईस धरा से,मैं क्या समझूँ सबको सूँघ गया है साँप ।<br />
आजाद देश की जनता हो गयी गुलाम, सरकारी कुत्ते जनता के चुने नुमाईन्दे हो गये है  साँप ।<br />
सोचो, क्यो लोग अकारण ,आज गुलामी को अपनी ही मजबुरी बताएँ ।<br />
क्यों न हिन्दूस्तान की जनता मिलकर करे विरोध, सब अपना रोष जताएँ ।<br />
क्या हो गया है ,आज के ईस भारत को,यह भी चाहिए,वह भी चाहिए,सब कुछ चाहिए ।<br />
भुजा(हाथ)उठा कर नेता जनता से बोले,हमें सिर्फ़ वोट चाहिए वोट चाहिए ।<br />
आज देश की जनता की उठी भुजाएँ बोली,हमें सिर्फ़ नोट चाहिए नोट चाहिए ।<br />
पर सोचो ऎसे में इस देश क्या होगा, वह दिन दुर नहीं जब ब्लैक मनी सबकी जेब में होगा ।<br />
लाख  तुम धर्मनिती की बाते कह डालो , फिर भी ब्लैक मनी  कमाऊँगा ही ।<br />
और देश के लिए कुछ कर न सका तो क्या,अपनी सात पुश्ते बिठा कर खिलाऊँगा ही ।<br />
भरा कहाँ है, घडा पाप का उसको और भरना है, हर हिन्दूस्तानी को गुलाम बनाकर रखना है ।<br />
क्यों अपनी पुण्य-भूमि को अपने ही पापी दल करें कलंकित  ?<br />
क्यों सच का दमन करें ये भोली-भाली जनता को करें आतंकित ?<br />
क्यों न बम से जला देते,उन भ्रश्टाचारी लोगों को, निर्दोष को बनाते अपना निशाना ।<br />
एक बार तो हमको दम दिखलाना ही होगा, अब नहीं चलेगा कोई बहाना ।<br />
क्या हो गया है ईस आजाद देश को,भ्रष्टाचार नंगा नाच रहा है ।<br />
भारत देश की जनता कि यह कैसी खामोशी ,सब कुछ भौचक्का देख रही है ।<br />
मैंने तो संकल्प कर लिया है, मरना तो है ही फ़िर डर-डर कर क्यों जिना ।<br />
ब्यर्थ है अपनो का मोह, छोड.प्राण के पंछी सभी को एक दिन है जाना ।<br />
भूल न पायें जिसको सदियाँ, ऎसी क्रान्ती ज्योंति लेखनी जनता तक पहूँचाऊगा ।<br />
अगर बे मौत मर गया तो,इस शासन की जड. भी हिल जायगी ।<br />
मेरी क्रान्ती ज्योंति से आजाद हिन्दूस्तान के जीवन की फ़ुलवारी-सी खिल जायेगी ।<br />
यह मिट्टी जो अमर शहिदों की, अपबित्र हो गयीं है भ्र्ष्टाचारी लोगों से ।<br />
उसकी आजादी के लिए ,इस पर प्राण निछावर करते मन न तनिक हिचके ।<br />
यह डर निकाल फेंको तुम अपने जीवन से, नहीं अधिकार और किसी का मेरे जीवन पर ।<br />
भुल कर भी मत देना अधिकार अपने जीवन के ,जोर नहीं और किसी का मेरे जीवन पर ।<br />
धिक्कार है ऎसे जीवन को जहाँ ,आजादी का कोई मोल नहीं ।<br />
चिकनी-चुपडी. बातों से ईस देश का, अब उध्द्दार नहीं ।<br />
ईन्सानों के दिलों में अब कोई देश प्रेंम का मोंल नहीं ।<br />
जब से हिन्दूस्तान की आजादी को, बेईमानों ने अपना आशियाना बनाया ।<br />
तब से अब तक एक भी माँई का लाल , लाल बहादुर , नेता सुभाष नहीं आया ।<br />
भाषण से ही जनता को बेवकुफ़ बनाया जाता ,वहीं दुसरे दीन मिडियाँ और प्रेंस में दिखाया जाता ।<br />
                                         आज का दौर<br />
यह देश है बेईंमानो का रिश्व्वतखोरो का भ्रष्टाचारी लोगों का ,ईस देश का यारों क्या कहना ।<br />
यहाँ चौड्य़ी छाती नामीं गुन्डों की,भोली शक्लें चोरों की ।</p>
]]></content:encoded>
	</item>
	<item>
		<title>Comment on बेवकूफ by Jolly Uncle - Writer</title>
		<link>http://nvonews.in/2011/06/08/life-style/13973/comment-page-1/#comment-11277</link>
		<dc:creator>Jolly Uncle - Writer</dc:creator>
		<pubDate>Sat, 05 Nov 2011 06:48:36 +0000</pubDate>
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		<description>Ms. Neelam ji
Many many thanks for your wonderful comments.
Regards
Jolly</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>Ms. Neelam ji<br />
Many many thanks for your wonderful comments.<br />
Regards<br />
Jolly</p>
]]></content:encoded>
	</item>
	<item>
		<title>Comment on देश का हर नागरिक संसद से ऊपर by rajesh</title>
		<link>http://nvonews.in/2011/10/09/india-news/14181/comment-page-1/#comment-11292</link>
		<dc:creator>rajesh</dc:creator>
		<pubDate>Sun, 09 Oct 2011 17:30:20 +0000</pubDate>
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		<description>i am with anna hazare i love him as my father</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>i am with anna hazare i love him as my father</p>
]]></content:encoded>
	</item>
	<item>
		<title>Comment on गृह मंत्री और दिल्ली पुलिस पर मुकदमा करेंगे बाबा रामदेव by satyendra singh</title>
		<link>http://nvonews.in/2011/09/27/india-news/14158/comment-page-1/#comment-11291</link>
		<dc:creator>satyendra singh</dc:creator>
		<pubDate>Tue, 27 Sep 2011 06:19:58 +0000</pubDate>
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		<description>27-09-2011,
चिदम्बरम ही दोषी है उन्हॆ सजा मिलनी ही चाहियॆ ताकि कोई फिर निहत्थॆ लॊगॊ पर दमनचक्र चलानॆ का साहस न कर ***ॆ मुबई व दिल्ली हाईकॊर्ट कॆ विस्फोटॊ मॆ अपराधियॊ को ना पकड पाना भी ऎक बडी विफलता है</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>27-09-2011,<br />
चिदम्बरम ही दोषी है उन्हॆ सजा मिलनी ही चाहियॆ ताकि कोई फिर निहत्थॆ लॊगॊ पर दमनचक्र चलानॆ का साहस न कर ***ॆ मुबई व दिल्ली हाईकॊर्ट कॆ विस्फोटॊ मॆ अपराधियॊ को ना पकड पाना भी ऎक बडी विफलता है</p>
]]></content:encoded>
	</item>
	<item>
		<title>Comment on एैसी  की  तैसी by skumar</title>
		<link>http://nvonews.in/2011/04/05/life-style/13753/comment-page-1/#comment-11271</link>
		<dc:creator>skumar</dc:creator>
		<pubDate>Sun, 25 Sep 2011 11:55:25 +0000</pubDate>
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		<description>मन करता है बार बार पढेँ</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>मन करता है बार बार पढेँ</p>
]]></content:encoded>
	</item>
	<item>
		<title>Comment on कमजोर नींव by Jolly Uncle</title>
		<link>http://nvonews.in/2011/02/24/life-style/13282/comment-page-1/#comment-11257</link>
		<dc:creator>Jolly Uncle</dc:creator>
		<pubDate>Sun, 07 Aug 2011 11:46:29 +0000</pubDate>
		<guid isPermaLink="false">http://nvonews.in/?p=13282#comment-11257</guid>
		<description>Thanks to all of you for nice wishes.</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>Thanks to all of you for nice wishes.</p>
]]></content:encoded>
	</item>
	<item>
		<title>Comment on बाबा रामदेव और अन्ना हजारे अलग-अलग क्यों? by Shyam Rawat</title>
		<link>http://nvonews.in/2011/07/28/life-style/14072/comment-page-1/#comment-11279</link>
		<dc:creator>Shyam Rawat</dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 Jul 2011 09:57:59 +0000</pubDate>
		<guid isPermaLink="false">http://nvonews.in/?p=14072#comment-11279</guid>
		<description>I agree with this</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>I agree with this</p>
]]></content:encoded>
	</item>
	<item>
		<title>Comment on श्री रेणुका जी मेला-2011,  5 नवम्बर से 10 नवम्बर तक by Manav arora</title>
		<link>http://nvonews.in/2011/07/15/india-news/14058/comment-page-1/#comment-11473</link>
		<dc:creator>Manav arora</dc:creator>
		<pubDate>Fri, 15 Jul 2011 18:07:34 +0000</pubDate>
		<guid isPermaLink="false">http://nvonews.in/?p=14058#comment-11473</guid>
		<description>I just hope this time while driving to renuka  g fair i get good roads....and less jams and parking problems</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>I just hope this time while driving to renuka  g fair i get good roads&#8230;.and less jams and parking problems</p>
]]></content:encoded>
	</item>
</channel>
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