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	<title>एन. वी. ओ. न्यूज</title>
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	<description>NVO News- North India News, Hindi News</description>
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		<title>मुख्यमंत्री द्वारा बच्चों को पोलियो की बूंदे पिलाकर पल्य पोलियों अभियान का शुभारम्भ</title>
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		<pubDate>Sun, 19 Feb 2012 15:53:48 +0000</pubDate>
		<dc:creator>एन. वी. ओ. न्यूज</dc:creator>
				<category><![CDATA[राज्यों से]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>

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		<description><![CDATA[शिमला: मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने प्रदेश में राष्ट्रीय पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान के प्रथम चरण का शून्य से 5 वर्ष की आयु वर्ग बच्चों को पोलियो की बूंदे पिलाकर प्रदेश सरकार के पल्य पोलियो अभियान का आज शिमला से शुभारम्भ किया। इस अवसर पर अपने सम्बोधन मंे उन्होंने प्रदेशवासियों का आह्वान किया कि [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">शिमला: मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने प्रदेश में राष्ट्रीय पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान के प्रथम चरण का शून्य से 5 वर्ष की आयु वर्ग बच्चों को पोलियो की बूंदे पिलाकर प्रदेश सरकार के पल्य पोलियो अभियान का आज शिमला से शुभारम्भ किया।</p>
<p style="text-align: justify;">इस अवसर पर अपने सम्बोधन मंे उन्होंने प्रदेशवासियों का आह्वान किया कि पांच वर्ष तक की आयु वर्ग के सभी बच्चों को पोलियो बूथों तक लाकर उन्हें पल्स पोलियो की खुराक पिलाएं ताकि बच्चों को पोलियो जैसी भयानक बीमारी से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस अभियान के प्रथम चरण में लगभग 7 लाख बच्चों को 6 हजार पोलियों बूथों के माध्यम से पोलियों की खुराक पिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके पश्चात स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर इस बात को सुनिश्चित करेंगे कि लक्षित आयु वर्ग का कोई भी बच्चा इस अभियान से न छूट पाए। उन्होंने कहा कि भारत में पल्स पोलियो का गत 13 महीनों से कोई भी मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि देश में वर्ष 2010 में 42 मामले सामने आए थे और वर्ष 2011 में घटकर केवल एक ही मामला रह गया था। इसी प्रकार हिमाचल प्रदेश में भी पल्स पोलियो का अंतिम मामला सितम्बर, 2009 में सोलन जिला के नालागढ़ खण्ड में पाया गया था, जो एक प्रवासी मजदूर का बच्चा था तथा इसके पश्चात प्रदेश में अभी तक पोलियोग्रस्त बच्चे से सम्बन्धित कोई भी मामला प्रकाश में नहीं आया है, जो कि राज्य के स्वास्थ्य विभाग की बड़ी उपलब्धि है।</p>
<p style="text-align: justify;"><a href="http://nvonews.in/wp-content/uploads/2012/02/Pulse-Polio.jpg"><img class="alignright size-medium wp-image-18812" title="Pulse-Polio" src="http://nvonews.in/wp-content/uploads/2012/02/Pulse-Polio-300x186.jpg" alt="" width="300" height="186" /></a>प्रो. धूमल ने कहा कि प्रदेश में पल्स पोलियो का दूसरा चरण अप्रैल, 2012 को चलाया जाएगा, जिसमें राज्य के सभी क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी और यह सुनिश्चित बनाया जाएगा कि हर बच्चे को पोलियो रोग से सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को इस अभियान को चलाने के लिए बधाई देते हुए सलाह दी कि प्रदेश के विभिन्न भागों में मजदूरी करने आए प्रवासी मजदूरों के बच्चों को यह खुराक पिलाने को सुनिश्चित बनाएं ताकि किसी भी प्रकार से प्रदेश में पोलिया ेंकी बीमारी न फैला सके। उन्होंने इस बारे में जागरूकता अभियान चलाने की भी सलाह दी ताकि सभी परिवारों को इसके बारे में शिक्षित किया जा सके।</p>
<p style="text-align: justify;">मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर झण्डी दिखाकर सचल पल्स पोलियो प्रतिरक्षण वाहन को रवाना किया। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डा. डी.एस. चंदेल ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि बच्चों में पोलियों ही अपंगता का मुख्य कारण माना गया है तथा बच्चे को इस रोग से बचाकर ही उन्हें अपंग होने से बचाया जा सकता है। उन्होंने प्रदेश भर में चालाए जा रहे इस अभियान के प्रबन्धों की जानकारी भी दी।</p>
<p style="text-align: justify;">मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एस.एल. शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक श्री सुरेश भारद्वाज, पुलिस अधीक्षक श्री जगत राम तथा अतिरिक्त उपायुक्त श्री बी.सी. बडालिया भी उपस्थित थे।</p>
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		<title>समाज में बदलाव के लिए आगे आएं युवाः मुख्यमंत्री</title>
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		<pubDate>Sat, 18 Feb 2012 17:01:37 +0000</pubDate>
		<dc:creator>संवाददाता</dc:creator>
				<category><![CDATA[प्रमुख समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>

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		<description><![CDATA[शिमला: मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने युवाओं का आह्वान किया है कि उत्तरदायी, जिम्मेदार और लोकतांत्रिक सरकार के माध्यम से वैश्विक समाज में बदलाव लाने में अपना योगदान देने के लिए आगे आएं। इससे सरकार के कार्यों में जवाबदेही और समान आर्थिक प्रबंधन सुनिश्चित होगा जिसका प्रमुख केंद्र भ्रष्टाचार से लड़ाई होना चाहिए। मुख्यमंत्री [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">शिमला: मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने युवाओं का आह्वान किया है कि उत्तरदायी, जिम्मेदार और लोकतांत्रिक सरकार के माध्यम से वैश्विक समाज में बदलाव लाने में अपना योगदान देने के लिए आगे आएं। इससे सरकार के कार्यों में जवाबदेही और समान आर्थिक प्रबंधन सुनिश्चित होगा जिसका प्रमुख केंद्र भ्रष्टाचार से लड़ाई होना चाहिए।<br />
मुख्यमंत्री आज यहां विश्व विद्यार्थी एवं युवा संगठन (डब्ल्यूओएसवाई) द्वारा ‘सामाजिक बदलाव में युवा एवं विद्यार्थियों की भूमिका’ पर आयोजित दो दिवसीय छठे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर संबोधित कर रहे थे।<br />
प्रो. धूमल ने कहा कि पश्चिमी विकसित देशों में निजीकरण के विरूद्ध व्यापक जागरूकता है। बेरोजगारी विश्व भर में एक बड़ी समस्या है, जिसमें सरकारों द्वारा उठाए जा रहे कठोर कदमों के कारण इज़ाफा हो रहा है। उन्होंने कहा कि दावोस में हाल ही में हुए विश्व आर्थिक मंच ने इस बात पर विशेष ध्यान आकृष्ट किया था कि पूंजीवाद पर नियंत्रण किस प्रकार लगाया जाए। अधिकांश आर्थिक चिंतकों की यह आम राय है कि पूंजीवाद को और अधिक संतुलित होना चाहिए। उन्होंने कारपोरेट जगत को कर और अन्य राहतें प्रदान करने की प्रणाली की आलोचना करते हुए कहा कि इसके कारण समाज के कमजोर वर्गों और आम आदमी के कल्याण से ध्यान हटा है। अधिकांश विकासशील देशों में स्वास्थ्य सेवाएं अभी भी बहुत महंगी हैं, जबकि विश्व के कई हिस्सों में स्वास्थ्य सेवाएं न के बराबर हैं। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त नेताओं के विरूद्ध विश्व भर में व्यापक रोष व्याप्त है।<br />
<a href="http://nvonews.in/wp-content/uploads/2012/02/youth.jpg"><img class="alignright size-medium wp-image-18809" title="youth" src="http://nvonews.in/wp-content/uploads/2012/02/youth-300x199.jpg" alt="" width="300" height="199" /></a>मुख्यमंत्री ने अफ्रीका का उदहारण देते हुए कहा कि वहां नरसंहार और अत्याचार के बीच एक नये राष्ट्र दक्षिण सुडान का जन्म हुआ। दक्षिण सुडान का उद्भव और वहां आम लोगों को लगातार झेलनी पड़ रही मुश्किलों और असुविधाओं से यह स्पष्ट होता है कि जब सरकारें अपने लोगों को बेहतर शासन प्रदान करने में सफल रहती हैं तो सामाजिक व्यवस्था चरमरा जाती है। उन्होंने कहा कि यद्यपि अफ्रीका 26 देशों वाला ऐसा महाद्वीप है, जहां समृद्ध संसाधन उपलब्ध हैं और मध्यम वर्ग पूरे विश्व का ध्यान आकर्षित कर रहा है। बहुत से अंतरराष्ट्रीय संबंधों के विशेषज्ञों का मानना है कि अफ्रीका एक नये एशिया के रूप में विकसित हो रहा है। अफ्रीका के प्राकृतिक संसाधन और संपत्ति से आम आदमी लाभान्वित होगा और युवाओं को अपनी ऐतिहासिक जिम्मेवारी समझनी होगी। उन्होंने कहा कि वैश्वीकरण के कारण समूचा विश्व एक वैश्विक गांव के रूप में परिवर्तित हो गया है और युवाओं को सामाजिक प्रणाली विश्व भर में परिवर्तित करने के लिए आगे आना होगा। युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता है ताकि सुदृढ़ राष्ट्र का निर्माण हो सके।<br />
प्रो. धूमल ने सामाजिक बदलाव में युवाओं की भूमिका विषय को सम्मेलन में चुनने के लिए संगठन की सराहना करते हुए कहा कि युवा विश्व भर में परिवर्तन ला रहे हैं। मिडल इस्ट में स्वतंत्रता और जवाबदेह शासन को लेकर युवाओं द्वारा किया गया आंदोलन इसका ज्वलंत उदहारण है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों के बीच सौहार्द स्थापित करने और युवाओं को संबंधित राष्ट्र में समस्याओं पर विचार एवं उनके समाधान के लिए जिम्मेदारी लेने की दिशा में किए जा रहे संगठन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने इस सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे लगभग 30 देशों के प्रतिनिधियों का हिमाचल प्रदेश में स्वागत करते हुए आशा व्यक्त की कि यह सम्मेलन अपने उद्देश्य में सफल रहेगा और वे यहां से मधुर स्मृतियां लेकर लौटेंगे।<br />
विश्व युवा एवं विद्यार्थी संगठन की अध्यक्ष डॉ. रश्मि सिंह ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की रूपरेखा से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन मुख्यतः युवा ऊर्जा को भ्रष्टाचार के विरूद्ध रूपांतरित करने पर केंद्रित रहेगा।<br />
राष्ट्रीय आयोजन सचिव श्री सुनील अंबेदकर ने कहा कि संगठन ने युवाओं को प्रशिक्षण के लिए ‘वसुदेव कुटुम्बकम’ को अपना ध्येय बनाया है।<br />
संगठन के महासचिव श्री अनिकेत काले, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के राज्य समन्वयक श्री रोहित शर्मा और अंतरराष्ट्रीय सचिवों श्री केनेथ कियागा एवं श्री संजीव निंगोमबम ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे। अंतरराष्ट्रीय सचिव श्री अशमत मुरादी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।<br />
बागवानी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री नरेन्द्र बरागटा, विधायक श्री सुरेश भारद्वाज, राज्य समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती वीना ठाकुर, हिमुडा के उपाध्यक्ष श्री गणेश दत्त, स्वागत समिति के अध्यक्ष</p>
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		<title>पारिस्थितिकीय संतुलन के लिए जीव जंतुओं की रक्षा आवश्यक: मुख्यमंत्री</title>
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		<pubDate>Sat, 18 Feb 2012 15:36:02 +0000</pubDate>
		<dc:creator>प्रताप सिंह</dc:creator>
				<category><![CDATA[राज्यों से]]></category>
		<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>

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		<description><![CDATA[शिमला: मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने प्रकृति प्रेमियों का आह्वान किया कि हिमालयी जीव-जंतुओं के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए आगे आएं तथा पारिस्थितिकीय संतुलन बनाए रखने में उनके महत्व के बारे में लोगों को जागरुक करें। मुख्यमंत्री आज यहां ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में हिमाचल बर्ड्स द्वारा आयोजित कंजरवेशन वारियर अवार्ड समारोह को संबोधित [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">शिमला: मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने प्रकृति प्रेमियों का आह्वान किया कि हिमालयी जीव-जंतुओं के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए आगे आएं तथा पारिस्थितिकीय संतुलन बनाए रखने में उनके महत्व के बारे में लोगों को जागरुक करें। मुख्यमंत्री आज यहां ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में हिमाचल बर्ड्स द्वारा आयोजित कंजरवेशन वारियर अवार्ड समारोह को संबोधित कर रहे थे।</p>
<p style="text-align: justify;">प्रो. धूमल ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र के पक्षियों की कई प्रजातियां विलुप्त होने के कगार पर हैं, जिनके संरक्षण के लिए प्रदेश सरकार ठोस कदम उठा रही है। प्रदेश में पक्षियों की अनेक प्रजातियां हैं, जो प्राकृतिक तौर पर संुदर हैं और हिमालयी राज्यों में प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। प्रदेश सरकार द्वारा पौंग बांध जलाशय को पक्षी अभ्यारण्य के रूप में विकसित करने के प्रयासों के फलस्वरूप वहां प्रवासी पक्षियों की संख्या राजस्थान के भरतपुर पक्षी अभ्यारण्य से दोगुनी हो गयी है। उन्होंने कहा कि प्रकृति स्वयं संतुलन बनाती है, जिससे छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए।</p>
<p style="text-align: justify;"><a href="http://nvonews.in/wp-content/uploads/2012/02/birds.jpg"><img class="alignright size-medium wp-image-18760" title="birds" src="http://nvonews.in/wp-content/uploads/2012/02/birds-300x196.jpg" alt="" width="300" height="196" /></a>उन्होंने कहा कि विलुप्तप्रायः प्रजातियों के संरक्षण एवं सवर्द्धन की दिशा में प्रदेश सरकार के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और इनकी संख्या बढ़ी है। प्रदूषण रोकने में गिद्धों को सबसे उपयोगी माना जाता है और प्रदेश मंे इनकी संख्या भी बढ़ी है।</p>
<p style="text-align: justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि मनुष्य के अस्तित्व एवं स्वस्थ जीवन में जीव-जंतुओं के महत्व के बारे में व्यापक जागरुकता पैदा करने की आवश्यकता है। लोगों को यह शिक्षित करने की भी आवश्यकता है कि हिमाचल प्रदेश को प्राकृतिक रूप से और संुदर बनाने के लिए इनका संरक्षण किया जाना चाहिए। उन्होंने पहला अवार्ड समारोह आयोजित करने के लिए हिमाचल बर्ड्स को बधाई दी।</p>
<p style="text-align: justify;">प्रो. धूमल ने पक्षियों की सर्वश्रेष्ठ फोटोग्राफी के लिए श्री शाहनवाज़खान को प्रथम, श्री देवेन्द्र डडवाल को द्वितीय और श्री प्रशांत गाहले को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया। पुरस्कार के रूप में प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह और नकद राशि प्रदान की गयी। सांत्वना पुरस्कार श्री बिट्टू भारद्वाज, श्री विकास ठाकुर, श्री उमंग और अश्विन कौल को प्रदान किए गए। श्री देवेन्द्र डडवाल ने 11 हजार रुपये का कंजर्वेशन वारियर अवार्ड भी जीता।<br />
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर श्री ए.ई. जॉन्स द्वारा लगभग 150 वर्ष पूर्व लिखे गए ‘द कॉमन बडर््स इन शिमला’ का संशोधित प्रकाशन भी विमोचित किया। अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन) ने इस अवसर पर कहा कि पारिस्थितिकी के संरक्षण और प्राकृतिक सौंदर्य में पक्षी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पौंग बांध जलाशय भविष्य में श्रेष्ठ पक्षी विहार गंतव्य के रूप में विकसित होने जा रहा है। उन्होंने प्रदेश में विलुप्तप्रायः पक्षियों के संरक्षण की दिशा में राज्य द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी।</p>
<p style="text-align: justify;">प्रधान मुख्य अरण्यपाल, वन्य प्राणी श्री आर.के. सूद ने कहा कि वन्य प्राणी अभ्यारण्यों के युक्तिकरण की प्रक्रिया पूरी होने वाली है, जिससे पक्षियों को सुरक्षित स्थान उपलब्ध होंगे।</p>
<p style="text-align: justify;">हिमाचल बर्ड्स के संस्थापक श्री सोमेश गोयल ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा क यह संगठन हिमालयी जीव-जंतुओं के संरक्षण के लिए कार्य कर रहा है और केवल शिमला में ही पक्षियों की 145 प्रजातियॉं चिन्हित की गयी हैं। पक्षियों के संरक्षण के लिए रूचि उत्पन्न करने के उद्देश्य से एक राष्ट्र स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें देश के विभिन्न भागों से 400 से अधिक प्रविष्टियॉं प्राप्त हुईं। उन्होंने कहा कि शिमला शहर के वनों में नेस्ट होम स्थापित किए जा रहे हैं और वर्ल्ड स्पैरो डे तक 125 नेस्ट होम स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।</p>
<p style="text-align: justify;">संस्था के सचिव श्री संजय सूद ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा।</p>
<p style="text-align: justify;">विधायक श्री सुरेश भारद्वाज, वरिष्ठ भाजपा नेता श्री तरसेम भारती, भाषा एवं संस्कृति विभाग के निदेशक श्री राकेश कंवर, अतिरिक्त उपायुक्त श्री बी.सी. बडालिया और शिमला भाजपा मंडल के अध्यक्ष श्री राजेश शारदा सहित बड़ी संख्या में पक्षी प्रेमी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।</p>
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		<title>हिमाचल प्रदेश फुटबाल संघ की बदौलत फुटबाल खिलाड़ी ने प्रदेश का नाम रोशन किया</title>
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		<pubDate>Fri, 17 Feb 2012 15:03:49 +0000</pubDate>
		<dc:creator>संवाददाता</dc:creator>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>

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		<description><![CDATA[नाहन: हिमाचल प्रदेश फुटबाल संघ के प्रयासों की बदौलत एक ओर हिमाचली फुटबाल खिलाड़ी ने प्रदेश का नाम रोशन किया है। यह खिलाड़ी अंडर 16 इंडियन टीम की कोचिंग के लिए चयनित हुआ है। यह बात नाहन में हि.प्र. फुटबाल संघ के महासचिव दीपक शर्मा ने कही। उन्होंने बताया कि 18 से 25 जनवरी को [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p>नाहन: हिमाचल प्रदेश फुटबाल संघ के प्रयासों की बदौलत एक ओर हिमाचली फुटबाल खिलाड़ी ने प्रदेश का नाम रोशन किया है। यह खिलाड़ी अंडर 16 इंडियन टीम की कोचिंग के लिए चयनित हुआ है। यह बात नाहन में हि.प्र. फुटबाल संघ के महासचिव दीपक शर्मा ने कही। उन्होंने बताया कि 18 से 25 जनवरी को वीसीराय ट्राफी जो कि उड़ीसा में आयोजित की गई थी, जिसमें अंडर 16 इंडिया टीम के लिए स्पोर्टस रोहड़ू के विशाल कायथ को सम्मलित किया गया है। उन्होंने बताया कि अंडर 16 के खिलाडिय़ों का कोचिंग कैंप 15 से 30 मार्च तक गोआ में आयोजित किया जाएगा। संघ की तरफ से बताते हुए दीपक ने कहा कि अंडर 16 में चयनित विशाल कायथ को कोचिंग के मध्यनजर पंजाब में विशेष ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा। जिसका व्यय हि. प्र. फुटबाल संघ करेगा।</p>
<p>महासचिव ने बताया कि हिमाचल के लिए यह गौरव की बात है कि 30-35 साल बाद इंडिया टीम में जगह मिली है। इससे पहले भूपेंद्र रावत व तिवारी जैसे महान फुटबाल खिलाड़ी प्रदेश का नाम राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चमका चुके है। गौर हो कि हि.प्र. फुटबाल संघ ने प्रदेश के दो युवा रैफरी 2022 के फीफा वल्र्ड कफ के लिए तैयार किए है। विशाल कायथ अंडर 16 इंडिया टीम में गोल रक्षक की भूमिका निभाएंगे। किसान परिवारसे संबंधित विशाल कायथ ने बताया कि संघ व उनके कोच विक्रम पांटा द्वारा विशेष ट्रेनिंग व आत्म विश्वास की बदौलत ही इस मुकाम को हासिल किया है।</p>
<p><a href="http://nvonews.in/wp-content/uploads/2012/02/football.jpg"><img class="alignright size-medium wp-image-17554" title="football" src="http://nvonews.in/wp-content/uploads/2012/02/football-300x225.jpg" alt="" width="300" height="225" /></a>दीपक शर्मा ने बताया कि संघ ने सिर्फ दो वर्षों में ही प्रदेश के दो युवा रैफरी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भेजे है, जबकि एक खिलाड़ी को भारतीय टीम में जगह दिलाई है। उन्होंने बताया कि संघ का यह प्रयास रहता है कि गांव में छिपी प्रतिभा को उभारा जाए, जिसका उद्घाहरण विशाल कायथ है। उन्होंने बताया कि जिला सिरमौर के जुनियर फुटबाल खिलाडिय़ों के लिए एमआरएफ अकादमी खोली गई है। जिसमें 50 बच्चों को कोचिंग दी जा रही है।<br />
उन्होंने बताया कि कोचिंग ले रहे बच्चों में से 10 बच्चों को विशेष ट्रेनिंग के लिए पंजाब व हरियाणा में भेजे जाने की योजना भी है। इस मौके पर हीरा सिंह, होस्टल प्रभारी विक्रम पांटा, कोच विनित कुमार, भूपेंद्र सिंह ठाकुर के अलावा जिला अध्यक्ष मोहम्मद इकरार व डीआर स्वामी मौजूद थे।</p>
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		<title>शिक्षा पर 3165 करोड़ रुपये व्यय कर रही है प्रदेश सरकार: मुख्यमंत्री</title>
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		<pubDate>Fri, 17 Feb 2012 14:56:40 +0000</pubDate>
		<dc:creator>संवाददाता</dc:creator>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>

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		<description><![CDATA[शिमला: प्रदेश सरकार इस वर्ष में शिक्षा पर वार्षिक योजना का 19 प्रतिशत व्यय कर रही है, जो दश में सबसे अधिक है, जबकि केन्द्र सरकार शिक्षा पर केवल 4.86 प्रतिशत ही व्यय कर रही है। प्रदेश सरकार ने शिक्षा पर इस वर्ष 3165 करोड़ रुपये व्यय करने का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">शिमला: प्रदेश सरकार इस वर्ष में शिक्षा पर वार्षिक योजना का 19 प्रतिशत व्यय कर रही है, जो दश में सबसे अधिक है, जबकि केन्द्र सरकार शिक्षा पर केवल 4.86 प्रतिशत ही व्यय कर रही है। प्रदेश सरकार ने शिक्षा पर इस वर्ष 3165 करोड़ रुपये व्यय करने का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने यह जानकारी आज हमीरपुर जिले के कक्कड़यार में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के वार्षिकोत्सव के अवसर पर दी।</p>
<p style="text-align: justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा सुनिश्चित बनाने के लिए प्रदेश सरकार शिक्षा क्षेत्र में अधिक राशि व्यय कर रही है। प्रदेश सरकार शिक्षा अधोसंरचना को स्तरोन्नत कर विश्व स्तरीय बनाने के प्रति प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि उनके पिछले शासनकाल में वर्ष 1998 से 2003 में प्रदेश सरकार ने नाबार्ड की सहायता से सरस्वती बाल विद्या संकल्प योजना कार्यान्वित की। इसके अन्तर्गत 106 करोड़ रुपये व्यय कर सभी प्राथमिक पाठशालाओं में रिकार्ड समय में 13,672 कमरों का निर्माण किया गया और इन पाठशालाओं में तीन-तीन कमरों के भवन की सुविधा प्रदान की गई।</p>
<p style="text-align: justify;">प्रो. धूमल ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय स्तर पर 40 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक के मुकाबले प्रदेश में 18 विद्यार्थियों के लिए एक अध्यापक कार्यरत है, जिससे स्मष्ट होता है कि प्रदेश सरकार शिक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। प्रदेश में लोगों का जीवन स्तर सुधरा है और प्रति व्यक्ति आय, जो पहले 40 हजार थी आज बढ़कर 58,493 रुपये हो गई है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर में तकनीकी विश्वविद्यालय को स्थापित कर सभी इंजीनियरिंग महाविद्यालयों को इससे संबंध करना अनिवार्य बनाया गया है ताकि विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित बनाया जा सके।</p>
<p style="text-align: justify;"><a href="http://nvonews.in/wp-content/uploads/2012/02/cm17feb12b.jpg"><img class="alignright size-medium wp-image-17550" title="cm17feb12b" src="http://nvonews.in/wp-content/uploads/2012/02/cm17feb12b-300x199.jpg" alt="" width="300" height="199" /></a>मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में कारगर प्रयास किए हैं। प्रदेश में कार्यान्वित मुख्यमंत्री विद्यार्थी स्वास्थ्य कार्यक्रम के पहले चरण की सफलता को देखते हुए दूसरे चरण की शुरूआत की गई है ताकि 10 लाख बच्चों को इस कार्यक्रम के तहत लाया जा सके। इसके अन्तर्गत उन्हें पेट के कीडे़ मार दवाइयां भी दी जाएंगी। अटल स्वास्थ्य सेवा के अर्न्तगत लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। इसके अन्तर्गत, 567 बच्चों का जन्म रोगी वाहन में ही हुआ है, जिनमें 269 बालक और 298 कन्याएं हैं।</p>
<p style="text-align: justify;">प्रो. धूमल ने स्व महाशय निरंजन दास के प्रति अपने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने कक्कड़यार में आर्य समाज एवं स्थानीय विद्यालय की स्थापना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में घर-द्वार तक शिक्षा सुविधा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने आगामी शैक्षणिक सत्र से अटल स्कूल यूनिफार्म योजना आरम्भ कर प्रथम से 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों को अप्रैल और अक्तूबर माह में दो बार वर्दीं निःशुल्क उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है। उन्होंने शिक्षकों से अधिक समर्पण से कार्य करने का आह्नान किया। उन्हांेने लोगों से प्रदेश सरकार द्वारा कार्यान्वित की जा रही पण्डित दीनदयाल किसान बागवान समृद्धि योजना तथा दूध गंगा योजनाओं का लाभ उठाने का आह्नान किया, जिससे ग्रामीण आर्थिकी को सुदृढ़ बनाया जा सके।</p>
<p style="text-align: justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 करोड़ रुपये की लागत से टौणी देवी में आदर्श न्यूरो हैल्थ शोध केन्द्र स्थापित किया जा रहा है। प्रदेश सरकार हिमाचल में जन्में वीरों की गाथाएं पाठ्यक्रम में शामिल कर रही है ताकि विद्यार्थियों को राष्ट्र प्रेम एवं उनसे प्रेरणा मिल सके। उन्होंने कहा कि कारगिल में आपरेशन विजय के दौरान दिए गए चार परमवीर चक्रों में से दो प्रदेश के वीरों ने प्राप्त किए हैं।</p>
<p style="text-align: justify;">मुख्यमंत्री ने महिला मण्डलों तथा स्कूली विद्यार्थियों को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए 5-5 हजार रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कक्कड़यार और बोहनी कक्कडय़ार स्कूलों में विज्ञान प्रयोगशालाएं तथा कक्कड़यार में परिक्षा भवन के लिए 10 लाख रुपये देने व बास्केटवाल कोर्ट के निर्माण के लिए 70 हजार रुपये देने की घोषणा भी की।</p>
<p style="text-align: justify;">इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्कूल की विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया।</p>
<p style="text-align: justify;">कांगड़ा केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री रसील सिंह मनकोटिया ने कहा कि गत चार वर्षों के कार्यकाल में प्रदेश भर में अभूतपूर्व विकास हुआ है। जिले में हर गांव को सड़क से जोड़ा गया, विद्यालयों को स्तरोन्नत किया गया और स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ बनाई गई हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को प्रदेश के लिए 55 राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार जीतने पर बधाई दी।</p>
<p style="text-align: justify;">ग्राम पंचायत नाड़सीं के प्रधान श्री सुखदेव ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। उन्होंने पशु चिकित्सालय भवन की मांग की।</p>
<p style="text-align: justify;">स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। स्कूल के प्रधानाचार्य श्री अजय सिंह ने स्कूल की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की।</p>
<p style="text-align: justify;">एपीएमसी तथा प्रदेश किसान मोर्चा के अध्यक्ष श्री प्यारे लाल शर्मा, पूर्व सैनिक निगम के अध्यक्ष श्री एम.सी. परमार, हिमकोफैड के उपाध्यक्ष श्री अजीत चौहान, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष श्रीमती माया राणा, जिला भाजपा अध्यक्ष श्री देसराज शर्मा, नगर परिषद के उपाध्यक्ष श्री धर्मेन्द्र शर्मा, प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती वीना शर्मा, उपायुक्त श्री राजेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री कुलदीप शर्मा, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता श्री बी.टी. नेगी, अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।</p>
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		<title>नये बाजारों में भारतीय हस्‍तशिल्‍प का निर्यात</title>
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		<pubDate>Fri, 17 Feb 2012 14:49:27 +0000</pubDate>
		<dc:creator>एन. वी. ओ. न्यूज</dc:creator>
				<category><![CDATA[प्रमुख समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[व्यवसाय]]></category>

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		<description><![CDATA[(राकेश कुमार लिखते हैं): भारतीय हस्‍तशिल्‍प अब चीन और लैटिन अमरीका जैसे नये बाजारों में पहुंच गया है। इसे पहले भारतीय हस्‍तशिल्‍प यूरोपीय क्षेत्र और उत्‍तरी अमरीकी महादीप जैसे पारंपरिक बाजारों तक ही सीमित था और लैटिन अमरीकी देशों पर विशेष ध्‍यान नहीं दिया जा रहा था। चीन हस्‍तशिल्‍प उत्‍पादक क्षेत्र के रूप में दुनियाभर [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">(राकेश कुमार लिखते हैं): भारतीय हस्‍तशिल्‍प अब चीन और लैटिन अमरीका जैसे नये बाजारों में पहुंच गया है। इसे पहले भारतीय हस्‍तशिल्‍प यूरोपीय क्षेत्र और उत्‍तरी अमरीकी महादीप जैसे पारंपरिक बाजारों तक ही सीमित था और लैटिन अमरीकी देशों पर विशेष ध्‍यान नहीं दिया जा रहा था।<br />
चीन हस्‍तशिल्‍प उत्‍पादक क्षेत्र के रूप में दुनियाभर में जाना जाता है और अपने स्‍वदेशी डिजाइन, उत्‍कृष्‍ट कच्‍चे माल के लिए मशहूर है। चीन उत्‍कृष्‍ट दस्‍तकारी के मामले में भी मशहूर है। चीन हस्‍तशिल्‍प के मामले में भारत को कड़ी प्रतिस्‍पर्धा देता रहा है और दुनिया में हस्‍तशिल्‍प के कारोबार में चीन का हिस्‍सा करीब 30 प्रतिशत है।<br />
हालांकि यह सब जानते हैं कि सभी प्रकार के हस्‍तशिल्‍प की अत्‍यधिक मांग के कारण व्‍यापक रूप से हस्‍तशिल्‍प के उत्‍पादन में चीन में शानदार यंत्रिकरण हुआ है। चीन में ज्‍यादातर हस्‍तशिल्‍प मशीनों से बनाया जाता है और हाथ से शिल्‍पकारी सिर्फ अंतिम रूप देने के लिए ही की जाती है।<br />
भारतीय हस्‍तशिल्‍प को दुनियाभर में स्‍वदेशी डिजाइन, पारंपरिक विरासत, संस्‍कृति और धार्मिक उदगम तथा डिजाइन की विविधता, उत्‍पादों और भारत के अलग-अलग क्षेत्रों के कच्‍चे माल के आधार पर जाना जाता है। वनस्‍पति रंगों के इस्‍तेमाल से उत्‍कृष्‍ट डिजाइन हस्‍तशिल्‍प भारत की विशेषता रही है। उत्‍कृष्‍ट हस्‍तशिल्‍प के मामले में चीन से मिल रही कड़ी प्रतिस्‍पर्धा के बावजूद भारत विभिन्‍न बाजारों में उच्‍च स्‍तर के हस्‍तशिल्‍प की मांग पूरी कर रहा है।<br />
एशिया के सबसे बड़े भारतीय हस्तशिल्प और उपहार मेले (आईएचजीएफ) के 33वें संस्करण का शुभारंभ हो रहा है। आईएचजीएफ-स्प्रिंग 2012 में भारत के 28 राज्यों के लगभग 2300 प्रदर्शक हिस्सा लेंगे जो लगभग 950 उत्पाद श्रृंखलाओं स्टाइल कच्चे माल और अवधारणाओं आदि को प्रदर्शित करेंगे। 30 से भी अधिक देशों से खरीदारों के इस मेले में शिरकत करने की संभावना है।</p>
<p><a href="http://nvonews.in/wp-content/uploads/2012/02/handicrafts.jpg"><img class="alignright size-full wp-image-17546" title="handicrafts" src="http://nvonews.in/wp-content/uploads/2012/02/handicrafts.jpg" alt="" width="300" height="211" /></a>हालांकि इस मेले में प्रमुख तौर पर घर के सामान, साज-सज्जा की वस्तुएं और उपहार फैशन, आभूषण, बैग, बांस और पर्यावरण अनुकूल उत्पाद, मोमबत्तियों, फर्नीचर आदि को प्रदर्शित किया जाएगा लेकिन पुनर्चक्रित और पर्यावरण अनुकूल वस्तुओं पर अधिक ज़ोर रहेगा।<br />
मेले का अन्य आकर्षण जम्मू-कश्मीर राज्य द्वारा प्रस्तुत प्रदर्शनी होगी। जम्मू-कश्मीर क्षेत्र अपने परंपरागत हस्तशिल्प और कच्चे माल के लिए जाना जाता है किंतु हाल के समय में नवीन डिजाइनों, नवीन उत्पाद श्रृंखलाओं और नवीन स्टाइलों का भी विकास हुआ है जो न केवल परंपरागत हैं बल्कि अंतर-राष्ट्रीय ज़रुरतों के मुताबिक आधुनिक और समसामयिक भी हैं।<br />
पिछले कुछ दशकों में एक बड़ा दिलचस्‍प घटनाक्रम सामने आया है, पर वह भारत से चीन में होने वाले हस्‍तशिल्‍प के निर्यात में वृद्धि है।<br />
वर्ष 2008-09 में भारत में चीन को 4 अरब 18 करोड़ 33 लाख रूपये का हस्‍तशिल्‍प निर्यात किया था। उसके बाद हस्‍तशिल्‍प निर्यात में स्थिर रूप से वृद्धि हुई और 2010-11 के दौरान 9 अरब 45 करोड़ 72 लाख रूपये के हस्‍तशिल्‍प का निर्यात हुआ। पिछले तीन वर्षों के दौरान ही हस्‍तशिलप निर्यात में 94.07 प्रतिशत वृद्धि हुई, जो न सिर्फ बहुत महत्‍वपूर्ण है, बल्कि इस बात का संकेत भी है कि भारतीय हस्‍तशिल्‍प चीन में स्‍थाई पहुंच बनाने में सफल रहा है।<br />
वर्ष 2009-10 के दौरान भारत में चीन में जो हस्‍तशिल्‍प उत्‍पाद निर्यात किए, उनमें मेटलक्राफ्ट, वुड क्राफ्ट, हाथ से कढ़ाई किए गए वस्‍त्र और स्‍कार्फ, फैशन, आभूषण और एसेसरीज, शॉल के साथ-साथ कसीदाकारी और क्रोसिए से बनी वस्‍तुएं शामिल हैं। जरी और जरी के सामान तथा हाथ की कढ़ाई किए गए वस्‍त्र और स्‍कार्फ के निर्यात में 2009-10 की तुलना में 2010-11 के मामूली गिरावट आई, लेकिन मेटल क्राफ्ट उत्‍पादों में अभुतपूर्व 991 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। वुड क्राफ्ट के निर्यात में 116 प्रतिशत वृद्धि देखी गई। उन्‍होंने कहा कि जरी और जरी के सामान में गिरावट के कारणों का अध्‍ययन किया जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि हालांकि चीन में भारत के हस्‍तशिल्‍प के निर्यात में कुल मिलाकर हुई वृद्धि से यह स्‍पष्‍ट रूप से स्‍थापित होता है कि चीन अब भारतीय हस्‍तशिल्‍प उत्‍पादों का बड़ा खरीदार बनकर उभरा है।<br />
भारत को नये बाजार और नये क्षेत्र विकसित करने चाहिए तथा लैटिन अमरीकी क्षेत्रों पर विशेष ध्‍यान दिया गया है। सरकार ने इन क्षेत्रों में निर्यात गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए एमएआई कार्यक्रम के तहत विशेष योजना शुरू की है तथा ईपीसीएच ने इस योजना का पूरा फायदा उठाया है और लैटिन अमरीकी क्षेत्र के महत्‍वपूर्ण क्षेत्रों में भारतीय हस्‍तशिल्‍प का प्रचार-प्रसार और बढ़ावा देने के लिए आक्रामक कार्यक्रम शुरू किया है। कुछ वर्ष पहले शुरू हुए परिषद के प्रयासों के अच्‍छे परिणाम मिलने शुरू हो गए हैं।<br />
लैटिन अमरीकी क्षेत्र के महत्‍वपूर्ण क्षेत्रों में अर्जेन्‍टीना, ब्राजील, चिल्‍ली, को‍लम्बिया, मैक्सिको, पनामा, पेरू, उरूग्‍वे और वेनेजुएला है। ईपीसीएच का पहला प्रयास वेनेजुएला में कारकस में लोक शिल्‍प महोत्‍सव का आयोजन था, जो आम के दैनिक इस्‍तेमाल में आने वाले भारतीय हस्‍तशिल्‍प उत्‍पादों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए आयोजित किया गया। इस महोत्‍सव में बिजनेस प्रतिनिधियों और अन्‍य पड़ौसी देशों ने भी शिरकत की।<br />
वर्ष 2010-11 के लिए निर्यात के विशलेषण से लैटिन अमरीकी क्षेत्र में हस्‍तशिल्‍प के कुल निर्यात में 31 प्रतिशत वृद्धि देखी गई। कोलम्बिया में 63.75, मैक्सिको में 54.20, अर्जेन्‍टीना में 50, वेनेजुएला में 43.50 और चिल्‍ली में 28 प्रतिशत वृद्धि देखी गई।<br />
2008-09 में तीन अरब 56 करोड़ 52 लाख रूपये के हस्‍तशिल्‍प का निर्यात किया गया, जो 2009-10 में तीन अरब 70 करोड़ 15 लाख रूपये तक पहुंच गया। 2010-11 में चार अरब 84 करोड़ 48 लाख रूपये के हस्‍तशिल्‍प का निर्यात हुआ।</p>
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		<title>उपकुलपतियों और आईसीएआर के निदेशकों के वार्षिक सम्‍मेलन का उद्घाटन</title>
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		<pubDate>Fri, 17 Feb 2012 14:44:03 +0000</pubDate>
		<dc:creator>एन. वी. ओ. न्यूज</dc:creator>
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		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>

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		<description><![CDATA[नयी दिल्ली: कृषि तथा खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योगों के केंद्रीय मंत्री श्री शरद पवार ने अनुसंधान और मानव संसाधन योजनाओं के दीर्घावधि विकास कार्यक्रमों  पर जोर दिया है ताकि कृषि के क्षेत्र में समग्र विकास के लिए सार्वजनिक-नि‍जी क्षेत्र की साझेदारी को सुनिश्चित किया जा सके। श्री पवार ने कृषि विश्‍व विद्यालयों के उपकुलपतियों और आईसीएआर संस्‍थानों [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">नयी दिल्ली: कृषि तथा खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योगों के केंद्रीय मंत्री श्री शरद पवार ने अनुसंधान और मानव संसाधन योजनाओं के दीर्घावधि विकास कार्यक्रमों  पर जोर दिया है ताकि कृषि के क्षेत्र में समग्र विकास के लिए सार्वजनिक-नि‍जी क्षेत्र की साझेदारी को सुनिश्चित किया जा सके। श्री पवार ने कृषि विश्‍व विद्यालयों के उपकुलपतियों और आईसीएआर संस्‍थानों के निदेशकों के वार्षिक सम्‍मेलन के उद्घाटन भाषण में यह बात कही। उन्‍होंने कहा कि आईसीएआर संस्‍थानों और राज्‍यों कृषि विश्‍व विद्यालयों को सहक्रिया तंत्र को सशक्‍त बनाना चाहिए, ताकि एक ही प्रकार के कार्यों की पुनरावृति को रोका जा सके और संसाधनों के उचित उपयोग को सुनिश्चित किया जा सके।</p>
<p>श्री पवार ने कहा कि विश्‍व में खाद्य समस्‍याओं और बढ़ते खाद्य संकट के चलते, वैश्विक स्‍तर पर कृषि अनुसंधान तथा विकास पर बहुत ज्‍यादा जोर दिया जा रहा है, लेकिन भारत में इन चुनौतियों का सामना करने के लिए संसाधनों को निरंतर उन्‍नयन पर जोर दिया जाता है।</p>
<p><a href="http://nvonews.in/wp-content/uploads/2012/02/panwar.jpg"><img class="alignright size-medium wp-image-17543" title="panwar" src="http://nvonews.in/wp-content/uploads/2012/02/panwar-300x178.jpg" alt="" width="300" height="178" /></a>कृषि अनुसंधान तथा शिक्षण विभाग की ओर से कृषि विश्‍व विद्यालयों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता का उल्‍लेख करते हुए श्री पवार ने राज्‍य सरकारों पर जोर दिया कि कृषि अनुसंधान शिक्षण तथा विस्‍तार कार्यक्रमों में निवेश में वृद्धि की जाए।</p>
<p>इस अवसर पर विशिष्‍ट कृषि वैज्ञानिक तथा इस वर्ष के पदमश्री सम्‍मान से सम्मानित डॉ. के एल चड्डा और डॉ. वीपी सिंह को सम्‍मानित किया गया। समारोह में कृषि राज्‍य मंत्री डॉ. चरणदास महंत भी मौजूद थे।</p>
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		<title>मध्यप्रदेश में बढ़ती सामुदायिक रेडियो संस्कृति</title>
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		<pubDate>Thu, 16 Feb 2012 14:11:58 +0000</pubDate>
		<dc:creator>एन. वी. ओ. न्यूज</dc:creator>
				<category><![CDATA[प्रमुख समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>

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		<description><![CDATA[भोपाल: झाबुआ से कुछ किलोमीटर दूर खुराजा गाँव। समय सुबह सात बजे। ग्रामीणों की बैचेनी बढ़ती जा रही है। वजह? उनका पसंदीदा सामुदायिक रेडियो कार्यक्रम जो नहीं आ रहा। झाबुआ के जिला जनसंपर्क अधिकारी को खटाखट फोन लगने लगते हैं। वह बतलाती हैं कि कार्यक्रम का समय अब आठ बजे हो गया है। भाभरा के [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p>भोपाल: झाबुआ से कुछ किलोमीटर दूर खुराजा गाँव। समय सुबह सात बजे। ग्रामीणों की बैचेनी बढ़ती जा रही है। वजह? उनका पसंदीदा सामुदायिक रेडियो कार्यक्रम जो नहीं आ रहा। झाबुआ के जिला जनसंपर्क अधिकारी को खटाखट फोन लगने लगते हैं। वह बतलाती हैं कि कार्यक्रम का समय अब आठ बजे हो गया है।</p>
<p>भाभरा के हायर सेकेण्डरी स्कूल के शिक्षक श्री महेन्द्र गोयल इस रेडियो पर प्रसारित कार्यक्रम ‘‘बात पते की’’ से खासे प्रभावित हैं। स्कूली छात्रा नेहल जैन इस प्रसारण में शिक्षा संबंधी जानकारी के समावेश के लिए उत्सुक हैं। कलावती तो कहीं यह प्रसारण सुनने के बाद इतनी उत्सुक हो गयीं कि बाजार से रेडियो ही खरीद लायीं। रेडियो विक्रेता मुस्तफा के यहाँ बिक्री में खासा इज़ाफा हो गया है। अब्दुल रज़्ज़ाक ने इस रेडियो पर शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद के जीवन के बारे में जाना, तो उनकी खुशी का पारावार नहीं रहा।</p>
<p>प्रदेश के आदिम-जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत ‘‘वन्या’’ द्वारा शुरू किये गये सामुदायिक रेडियो प्रसारण का शुभारंभ शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद की जन्म-भूमि भाभरा में वर्ष 2011 में उनके जन्म-दिवस पर किया गया। यह जनजातीय समुदाय द्वारा संचालित और प्रसारित दुनिया का पहला भीली सामुदायिक रेडियो केन्द्र है। इसके माध्यम से आदिवासियों द्वारा अपनी भीली बोली में कार्यक्रमों का प्रसारण किया जा रहा है। पिछले नवम्बर में मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर खण्डवा जिले के खालवा में भी सामुदायिक रेडियो स्टेशन शुरू हुआ। इसमें प्रसारण कोरकू बोली में होता है। प्रदेश के जनजातीय बहुल विकासखण्डों में इस तरह के कुल 110 सामुदायिक रेडियो स्टेशन स्थापित करने की योजना है।</p>
<p><a href="http://nvonews.in/wp-content/uploads/2012/02/Radio.jpg"><img class="alignright size-full wp-image-17539" title="Radio" src="http://nvonews.in/wp-content/uploads/2012/02/Radio.jpg" alt="" width="200" height="150" /></a>ऊपर जिन श्रोताओं का ज़िक्र हुआ, उन सब में एक बात सामान्य है कि वे प्रसारण समय बढ़ाये जाने के हामी हैं। फिलहाल यह प्रसारण सुबह 8 से 10 बजे और शाम को 6 से 8 बजे तक किया जा रहा है।</p>
<p>अपनी भाषा और अपनी बोली से सबको विशिष्ट और गहरा लगाव होता है। कोई कितना भी पढ़-लिख जाए या कितनी भी भाषाएँ सीख जाए, अपनी भाषा या बोली उसके दिल की गहराई में सदा समाई रहती है। इस रेडियो की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण भी यही है कि इसके कार्यक्रम स्थानीय लोगों की अपनी जुबान में तथा उनके परिवेश में रचे-बसे होते हैं। इसके अलावा, प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों में उन कार्यक्रमों को भी पर्याप्त स्थान मिलता है जो स्थानीय समुदायों के टंट्या भील जैसे नायकों पर केन्द्रित होते हैं, जिन्हें पूजा जाता है। साथ ही यह कार्यक्रम स्थानीय लोगों की सदियों पुरानी परम्पराओं, रीति-रिवाजों, उत्सवों, मेलों तथा उनके बहुरंगी लोक-जीवन से जुड़े होते हैं।</p>
<p>इस केन्द्र से प्रसारित ‘‘बढ़ते कदम’’ कार्यक्रम में रेडियो धारावाहिक तथा स्थानीय कलाकारों द्वारा तैयार नाटकों का प्रसारण होता है। ‘‘बात पते की’’ में भीली और हिन्दी में लोकहित के छोटे-छोटे संदेश दिये जाते हैं। ‘‘खेती-किसानी’’ में खेती संबंधी उपयोगी जानकारी और भीली बोली में किसानों से संवाद होता है। ‘‘धरोहर अपने प्रदेश की’’ में प्रदेश के किसी ऐतिहासिक नायक, स्थल या पर्यटन संबंधी जानकारी दी जाती है। ‘‘कथा-कहानी’’ कार्यक्रम में भीली तथा हिन्दी में पौराणिक और प्रेरणाप्रद कथा-कहानियों का प्रसारण होता है। अब कैरियर मार्गदर्शन और खेल गतिविधियों का प्रसारण भी शुरू किया जा रहा है।</p>
<p>दरअसल, मध्यप्रदेश में सामुदायिक रेडियो संस्कृति काफी तेजी से विकसित हो रही है। प्रदेश के कुछ आदिवासी बहुल जिलों में सरकार द्वारा सामुदायिक रेडियो सेवाएँ शुरू की हैं। इनमें बैगा बहुल चाँदा (जिला डिण्डोरी), गोंड बहुल चिन्चोली (जिला बैतूल), भील बहुल नालछा (जिला धार), मेघनगर (झाबुआ) और गुना जिले का उमरी शामिल है। सहरिया बहुल सेसाहपुर और भारिया बहुल बिजोरी (जिला छिन्दवाड़ा) में भी इसकी शुरूआत की जाएगी।</p>
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		<title>हिमाचल में आंगनवाड़ी कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि की घोषणा</title>
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		<pubDate>Thu, 16 Feb 2012 14:03:57 +0000</pubDate>
		<dc:creator>एन. वी. ओ. न्यूज</dc:creator>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>

		<guid isPermaLink="false">http://nvonews.in/?p=17535</guid>
		<description><![CDATA[शिमला: मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने आज हमीरपुर में प्रदेश आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ के राज्य स्तरीय सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए आंगनवाड़ी कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस वृद्धि से आंगनवाड़ी कर्मचारियों को 11 करोड़ 11 लाख रुपये के वार्षिक वित्तीय लाभ मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p>शिमला: मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने आज हमीरपुर में प्रदेश आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ के राज्य स्तरीय सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए आंगनवाड़ी कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस वृद्धि से आंगनवाड़ी कर्मचारियों को 11 करोड़ 11 लाख रुपये के वार्षिक वित्तीय लाभ मिलेंगे।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 18,352 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कार्यरत हैं, जिन्हें वर्तमान में 3000 रुपये मासिक मानदेय मिल रहा है। यह मानदेय फरवरी, 2012 से 3300 रुपये मासिक देय होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 18,352 आंगनवाड़ी सहायिकाएं भी कार्यरत हैं, जिन्हें वर्तमान में 1500 रुपये मासिक मानदेय मिल रहा है। यह मानदेय फरवरी 2012 से 1700 रुपये मासिक देय होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 330 मिनी आंगनवाड़ियों में कार्यरत जिन सहायिकाओं को वर्तमान में 250 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है, का मासिक मानदेय बढ़ाकर 330 रुपये कर दिया गया है। इससे प्रदेश के कोष पर सालाना 11 करोड़ 11 लाख रुपये का वित्तीय बोझ पड़ेगा।</p>
<p><a href="http://nvonews.in/wp-content/uploads/2010/05/Prem-Kumar-Dhumal.jpg"><img class="alignright size-full wp-image-10317" title="Prem-Kumar-Dhumal" src="http://nvonews.in/wp-content/uploads/2010/05/Prem-Kumar-Dhumal.jpg" alt="" width="267" height="204" /></a>प्रो. धूमल ने आंगनवाड़ी कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि उनकी अन्य मांगों पर भी राज्य सरकार सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। उन्होंने आंगनवाड़ी कर्मचारियों को विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार सेवानिवृत्त होने वाले आंगनवाड़ी कर्मचारियों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के लिए बीमा कम्पनी के साथ विचार-विमर्श कर संभावित हल निकालने के प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कर्मचारियों की पदोन्नति से सम्बन्धित अन्य मांगों पर भी सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा तथा तब तक वर्तमान पद्धति को जारी रखा जाएगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि यद्यपि आंगनवाड़ी योजना केन्द्र सरकार द्वारा कार्यान्वित की जा रही है और इस योजना के वित्त पोषण का दायित्व भी केन्द्र सरकार का ही है। किन्तु राज्य सरकार आंगनवाड़ी कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए वचनबद्ध है और उन्हें अतिरिक्त वित्तीय लाभ प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार प्रदेश के सभी वर्गों विशेषकर महिलाओं के कल्याण को सर्वोच्च अधिमान दे रही है। महिला कल्याण राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है और इस दिशा में कई नवीन योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के कल्याण के लिए कन्यादान योजना, सबला योजना इत्यादि जैसी अनेक योजनाएं कार्यान्वित कर रही है।</p>
<p>प्रो. धूमल ने कर्मचारियों से अपने कार्य क्षेत्र में प्रदेश सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों की जानकारी लक्षित वर्ग तक पहुंचाने का आग्रह किया ताकि पात्र व्यक्ति इनसे लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपने क्षेत्र में जनता के साथ बेहतर तालमेल स्थापित कर प्रदेश सरकार के लिए सदभावना अर्जित करें।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने महिलाओं को अपने बच्चों में सर्वाेत्तम पोषण के लिए मण्डी तथा हमीरपुर जिला में हुए सर्वेक्षण में राष्ट्रीय स्तर पर सर्वाेत्तम आने पर तथा शिशु मृत्युदर में प्रदेश को निम्न स्तर पर लाने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की सतत् निगरानी करने की योजना आरम्भ की है। उन्होंने महिलाओं से इस योजना को सफल बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के उत्थान के लिए अनेक कार्यक्रमों को कार्यन्वित किया जा रहा हैं। उन्होंने आंगनबाड़ी कर्मचारियों से इन योजनाओं की जानकारी हर महिला तक पहुंचाने का आग्रह किया ताकि पात्र महिलाएं इन योजनााओं का लाभ उठा सकंे।</p>
<p>भारतीय मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष श्री सुरेन्द्र ठाकुर ने इस अवसर पर केन्द्र सरकार के पक्षपातपूर्ण रवैये की निन्दा करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार मजदूर और कर्मचारी विरोधी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री प्रो0 प्रेम कुमार धूमल ने अपने कर्मचारियांे की सभी मांगों को माना है और उनके लाभ के लिये हजारों करोड़ रुपये की घोषणाएं की हैं। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों का समर्थन करते हुए उन्हें पूरा करने का आग्रह किया। उन्होंने पदोन्नति के अतिरिक्त अवसर सृजित करने तथा सेवानिवृति लाभ देने का भी आग्रह किया।</p>
<p>भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री देसराज शर्मा ने प्रदेश सरकार द्वारा कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने तथा अनेक वित्तीय लाभ देने के लिए उनका धन्यवाद दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री से आंगनबाड़ी कर्मचारियों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आग्रह किया।</p>
<p>हि.प्र. आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की प्रदेशाध्यक्ष श्रीमती शांति चौहान ने मुख्यमंत्री तथा अन्य गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया और अपनी मांगों के बारे में जानकारी दी।</p>
<p>राष्ट्रीय आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की सदस्य श्रीमती रीता राणा ने इस अवसर पर प्रदेश संघ का मांगपत्र पढ़ा।</p>
<p>इस अवसर पर विधायक श्री बलदेव शर्मा और श्रीमती उर्मिल ठाकुर, एपीएमसी अध्यक्ष तथा प्रदेश किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष श्री प्यारे लाल शर्मा, कांगड़ा केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री रसील सिंह मनकोटिया, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री देसराज शर्मा, नगर परिषद के अध्यक्ष दीप कुमार, हमीरपुर भाजपा मण्डलाध्यक्ष श्री आदर्श कान्त, उपायुक्त श्री राजेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री कुलदीप शर्मा, सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।</p>
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		<title>मीडिया सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष ने कार्यभार संभाला</title>
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		<pubDate>Thu, 16 Feb 2012 13:58:03 +0000</pubDate>
		<dc:creator>संवाददाता</dc:creator>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>

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		<description><![CDATA[शिमला: मीडिया सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष डा. अशोक कपाहटिया ने आज यहां अपना पदभार ग्रहण कर लिया। डा. कपाहटिया ने इस अवसर पर उन्हें मीडिया सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष नियुक्ति करने के लिए मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार का कार्यकाल उपलब्धियों भरा रहा है। [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">शिमला: मीडिया सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष डा. अशोक कपाहटिया ने आज यहां अपना पदभार ग्रहण कर लिया। डा. कपाहटिया ने इस अवसर पर उन्हें मीडिया सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष नियुक्ति करने के लिए मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार का कार्यकाल उपलब्धियों भरा रहा है। इस समयावधि में राज्य में विकास के नए आयाम स्थापित हुए हैं तथा विकास की दशा और दिशा में सकारात्मक परिवर्तन हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के 49 माह के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश को विभिन्न अन्तर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय, केन्द्र सरकार, अर्द्धसरकारी और प्रतिष्ठित मीडिया समूहों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में 55 पुरस्कार मिले हैं। यह सिद्ध करते हैं कि राज्य सरकार ने प्रदेश का समान एवं संतुलित विकास सुनिश्चित बनाया है और अब हिमाचल प्रदेश देश में अन्य राज्यों के लिए विकास का आदर्श बन कर उभरा है।</p>
<p style="text-align: justify;"><a href="http://nvonews.in/wp-content/uploads/2012/02/Ashok-Kapatia.jpg"><img class="alignright size-full wp-image-17533" title="Ashok-Kapatia" src="http://nvonews.in/wp-content/uploads/2012/02/Ashok-Kapatia.jpg" alt="" width="300" height="225" /></a>उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार किसान, बागवान, कर्मचारी, महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग सहित समाज के हर वर्ग की हितैषी है और उनके सामाजिक आर्थिक उत्थान के लिए नवीन योजनाएं एवं कार्यक्रम कार्यान्वित किए जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align: justify;">डा. कपाहटिया ने कहा कि मीडिया सलाहकार समिति प्रिंट एवं इलैक्ट्रानिक मीडिया के साथ निरन्तर संवाद को और बढ़ावा देगी तथा यह सुनिश्चित बनाया जाएगा कि मीडिया के साथ सौहार्दपूर्ण सम्बन्ध स्थापित रहें। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रचार माध्यमों की सहायता से राज्य सरकार द्वारा किए गए विकास और जन कल्याणकारी नीतियों एवं कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा ताकि समाज के सभी वर्ग इससे लाभान्वित हो सकें।</p>
<p style="text-align: justify;">विधायक श्री सुरेश भारद्वाज, राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री चन्द्र मोहन ठाकुर, मुख्यमंत्री के विशेष कार्यकारी अधिकारी श्री संजीव कटवाल, प्रदेश भाजपा कोषाध्यक्ष श्री कपिल सूद, प्रदेश भाजपा मीडिया संयोजक श्री अजय गौतम, राज्य भाजपा आईटी प्रकोष्ठ के संयोजक श्री चेतन कुठियाला, सह संयोजक श्री महेन्द्र अत्री, राज्य भाजपा के अन्य पदाधिकारी, राज्य महिला भाजपा के पदाधिकारी, नगर निगम शिमला के पार्षद सर्वश्री प्रदीप कश्यप, गौरव शर्मा, नवीन सूद, संजीव ठाकुर तथा पार्षद एवं सिंह सभा के अध्यक्ष श्री जसविन्दर सिंह, शिमला भाजपा मण्डल के अध्यक्ष श्री राजेश शारदा, महामंत्री श्री विशेषवर नाथ, अन्य पदाधिकारी, शिमला ग्रामीण भाजपा मण्डल के पदाधिकारी, जिला व्यापार प्रकोष्ठ के संयोजक श्री अनूप वैद्य व अन्य पदाधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।</p>
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